कैथल (रमन सैनी) पिछले दिनों में टावरो से आर.आर.यु. उपकरण चोरी करने की बढ़ रही वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए एसपी राजेश कालिया द्वारा दिए गए निर्देशों पर खरा उतरते हुए एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ पुलिस द्वारा उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए एक शातिर चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है।
पुलिस द्वारा गिरोह से जुड़े 4 आरोपी गिरफ्तार कर लिए गये, जिनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट गाड़ी, वारदात में प्रयुक्त औजार, 70 हजार रुपए नगदी, करीब 35 लाख रुपए कीमत के 11 आर आर यु उपकरण बरामद किए गए। आरोपियों की गिरफ्तारी से हरियाणा के विभिन्न जिलों में टावरों से उपकरण चोरी करने की 18 वारदात सुलझाने में सफलता हासिल की गई है।
प्रेस वार्ता दौरान डीएसपी सुशील प्रकाश ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिला जींद के गांव दालमवाला निवासी रणबीर सिंह की शिकायत अनुसार वह आर.एस. सिक्योरिटी में सुपरवाइजर के पद पर कार्य करता है। जो आर.एस. कंपनी इंडस मोबाइल टावर की सुरक्षा की कार्य देखती है। गांव फरल में लगे टावर से 13 मार्च को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा टावर के ऊपर लगे एक आरआरयु उपकरणों को चोरी कर लिया गया। जिस बारे थाना पूंडरी में मामला दर्ज किया गया। डीएसपी ने कहा कि मामले की जांच एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ के इंस्पेक्टर रणजीत व एसआई प्रदीप की अगुवाई में ए.एस.आई. जसमेर सिंह, एसआई शुभकरण, एचसी सुनील, एचसी ईश्म सिंह, एचसी अनिल की पुलिस टीम द्वारा करते हुए गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी गांव गोहिदा जिला करनाल निवासी विनोदी, पवन व कुलदीप को गांव दुसैन के पास से काबू किया गया तथा आरोपी गांव गोहिदा निवासी विनोद उर्फ कुकु को उसके गांव गोहिदा से काबु किया गया।
डीएसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ दौरान कबुला वे सभी करीब 5 साल से मोबाइल टावरो पर काम करते थे, तथा पिछले 2 साल से उनको टावरो पर कभी काम मिल जाता है, कभी नहीं मिलता तथा उनको उनके काम के एवज में समय पर सैलरी भी नहीं मिलती थी। उन सभी को पता था कि टावरो पर लगी आर आर यु (रिमोट रेडियो युनिट) काफी महंगी बिकती है, जो एक उपकरण की कीमत 2.5 लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक है। उन सभी ने रात के समय टावरो से आर आर यु उपकरण चोरी करके बेचने की योजना बनाई तथा करीब 1 साल से टावरों से चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगे। आरोपियों द्वारा जिला कैथल की 6, जिला करनाल की 9, जिला कुरुक्षेत्र की 2 तथा जिला यमुनानगर की 1 टावर से उपकरण चोरी करने की वारदात कबूली है। आरोपी चोरीशुदा उपकरण को आगे बेचने के लिए अपने अन्य साथी आरोपी इंद्री करनाल निवासी संदीप को दे देते थे। जो आगे आरोपी संदीप बेचता था। आरोपी संदीप ने भी आरोपियों के साथ टावरो में काम किया हुआ है। डीएसपी ने बताया कि आरोपी दिन के समय टावरो की रैकी करते थे तथा रात के समय चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। जो एक आरोपी टावर के उपर चढ़कर चारो तरफ निगरानी करता था। 2 आरोपी टावर पर चढकर उपकरण उतारते थे। शेष आरोपी नीचे रहकर निगरानी करते थे। सबसे उपर चढ़े आरोपी को जब किसी व्यक्ति या गाड़ी के आने का आभास होता था तो वह फोन करके नीचे सूचना देता था, नीचे वाले आरोपी गाड़ी को दाएं बाएं छुपा लेते थे। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक स्विफ्ट गाड़ी, वारदात में प्रयुक्त औजार, 70 हजार रुपए नगदी, करीब 35 लाख रुपए कीमत के11 आर आर यु उपकरण बरामद किए गए। आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है।
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